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सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज बिक्री पर बैन: सुप्रीम कोर्ट ने हटाने से किया इनकार
सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज बिक्री पर बैन बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने हटाने से इनकार किया
Key points
- सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से मना किया
- गिर सोमनाथ के कलेक्टर ने 10 अगस्त 2026 को मंदिर के 500 मीटर के दायरे में रोक लगाई थी
- अगली सुनवाई 26 दिसंबर को होगी
Why it matters. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी खाने-पीने की जगहों पर प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेगा, जब तक हाई कोर्ट अंतिम फैसला नहीं सुनाता.
शुक्रवार की सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने गुजरात हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से मना किया, जिससे प्रतिबंध बरकरार है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जज पीबी वराले की बेंच ने संतुलन की जरूरत बताई और हाई कोर्ट से जल्द अंतिम फैसला मांगा. गिर सोमनाथ के कलेक्टर ने 10 अगस्त 2026 को मंदिर के 500 मीटर के दायरे में नॉन-वेज बनाने, बेचने और रखने पर रोक लगाई थी. रेस्टोरेंट मालिकों ने दलील दी कि इससे उनका कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जबकि देश की करीब 80 प्रतिशत आबादी मांसाहारी भोजन करती है.
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सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज बिक्री पर बैन: सुप्रीम कोर्ट ने हटाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज बिक्री पर लगे बैन को हटाने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि हमें संतुलन बनाने की जरूरत है और हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से मना कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी खाने-पीने की जगहों पर लगे प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया है. अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गुजरात हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से साफ मना कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें एक संतुलन बनाए रखने की जरूरत है. साथ ही हाई कोर्ट को जल्द अंतिम फैसला सुनाने का निर्देश दिया.सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जज पीबी वराले की बेंच ने.