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RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया, महंगाई नियंत्रण के लिए और बढ़ोतरी संभव
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया और महंगाई नियंत्रण के लिए आगे और बढ़ोतरी के संकेत दिए।
Key points
- RBI ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है।
- केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख को न्यूट्रल से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया है।
- कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कम बारिश से खाद्य महंगाई का दबाव बढ़ा है।
Why it matters. रेपो रेट बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है, जिसका असर होम लोन और कार लोन जैसी ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करीब चार साल बाद रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के मिनट्स के अनुसार, महंगाई पर काबू पाने के लिए भविष्य में और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। RBI ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख को न्यूट्रल से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया है।
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RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया, महंगाई नियंत्रण के लिए और बढ़ोतरी संभव
RBI Inflation Curb Measures: महंगाई का दबाव बढ़ने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने ब्याज दरों को लेकर चुनौती बढ़ गई है. केंद्रीय बैंक ने करीब चार साल बाद रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% कर दिया है और मौद्रिक नीति का रुख भी सख्त किया है. बैठक के मिनट्स से संकेत मिलता है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए आगे और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है. महंगाई पर काबू पाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ब्याज दरें और बढ़ानी पड़ सकती हैं, लेकिन ऐसा बहुत तेजी से किया गया तो देश की आर्थिक विकास दर पर दबाव बढ़ सकता है. बुधवार को जारी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के मिनट्स से यह संकेत मिला है. इस महीने RBI ने क.



