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भारत सरकार ने 22 भारतीय भाषाओं के लिए तीन स्वदेशी AI मॉडल लॉन्च किए
भारत सरकार ने 22 भारतीय भाषाओं के लिए तीन स्वदेशी एआई फाउंडेशन मॉडल पेश किए हैं।
Key points
- एका-1 को सॉकेट लैब्स ने तैयार किया है और इसे 26.3 अरब पैरामीटर्स के बेस पर बनाया गया है
- धीर-2बी और धीर-5बी मॉडल सुरक्षित बंद कंप्यूटर नेटवर्क के लिए डिजाइन किए गए हैं
- रक्षा मंत्रालय और सरकारी एजेंसियों में बिना इंटरनेट के भारी दस्तावेजों का विश्लेषण संभव होगा
Why it matters. सरकार के अनुसार ये मॉडल साइबर सुरक्षा, डिफेंस ऑपरेशन्स, सरकारी सेवाओं और एजुकेशन में इस्तेमाल होंगे, जिससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता घटाने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
इंडिया एआई मिशन के तहत केंद्र सरकार ने तीन एडवांस एआई फाउंडेशन मॉडल उतारे हैं: एका-1, धीर-2बी और धीर-5बी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने इसे मजबूत और सुरक्षित एआई इकोसिस्टम की दिशा में मील का पत्थर बताया। सॉकेट लैब्स द्वारा तैयार एका-1 26.3 अरब पैरामीटर्स के बेस पर बना है और 7.5 लाख करोड़ टोकन के डेटासेट पर प्रशिक्षित है। यह संविधान की सभी 22 अनुसूचित भाषाएं समझता है, जबकि धीर-2बी और धीर-5बी सुरक्षित बंद नेटवर्क के लिए बने हैं।
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भारत सरकार ने 22 भारतीय भाषाओं के लिए तीन स्वदेशी AI मॉडल लॉन्च किए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में भारत अब पूरी ताकत के साथ उतर चुका है। देश की तकनीकी क्षमता को ग्लोबल स्तर पर ले जाने के लिए, भारत सरकार ने 'इंडिया एआई मिशन' (India AI Mission) के तहत तीन नए और बेहद एडवांस स्वदेशी एआई फाउंडेशन मॉडल लॉन्च किए हैं। इन मॉडल्स के नाम एका-1 (Eka-1), धीर-2बी (Dheer-2B) और धीर-5बी (Dheer-5B) हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने इन मॉडल्स की लॉन्चिंग को देश में एक मजबूत और सुरक्षित एआई इकोसिस्टम बनाने की दिशा में मील का पत्थर करार दिया है। आइए जानते हैं कि आम लोगों, सरकार और देश की सुरक्षा के लिए ये मॉडल्स क्यों इतने ख.