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Winn-Dixie supermarket interior, Miami Florida 14 May 2024 - 1
Photo: Illustrative image — Photo: Phillip Pessar, CC BY 2.0, via Wikimedia Commons

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Sugar Price: क्‍या और महंगी होगी चीनी, किसने कर दी रेट बढ़ाने की मांग?

Sugar Price: क्‍या और महंगी होगी चीनी, किसने कर दी रेट बढ़ाने की मांग?

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Key points

  • चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य मौजूदा ₹3,100 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर कम से कम ₹4,200 करने की मांग की गई है
  • केंद्र सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है
  • कई चीनी मिलों ने इथेनॉल मिशन के लिए बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर डिस्टिलरी प्लांट लगाए थे

Why it matters. सरकार का फैसला तय करेगा कि वह चीनी मिलों का संकट सुलझाती है या आम उपभोक्ताओं की चिंता करती है, और यदि मांग मानी गई तो रोजमर्रा के उत्पादों पर असर पड़ सकता है।

AISTA के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी ने पुणे में समिति की बैठक में चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य ₹3,100 से बढ़ाकर कम से कम ₹4,200 प्रति क्विंटल करने की मांग रखी। विठलानी के अनुसार फरवरी 2019 के बाद से, यानी पिछले सात सालों में, इस दाम में एक पैसे का भी संशोधन नहीं हुआ है। रमेश चंद की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की मांगों की पड़ताल कर रही है। AISTA ने इथेनॉल परियोजनाओं की ईएमआई न चुका पाने वाली मिलों को दो साल का मोरेटोरियम और ब्याज सब्सिडी 50 से बढ़ाकर 100 फीसदी करने की मांग भी की है।

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Sugar Price: क्‍या और महंगी होगी चीनी, किसने कर दी रेट बढ़ाने की मांग?

Sugar Price: घरेलू मार्केट में चीनी का भाव पिछले कुछ महीनों में खूब बढ़ा है. सरकार के कुछ कड़े कदम उठाने पर चीनी का रेट थोड़ा कम तो हुआ, लेकिन अब भी यह अपने पूर्व स्‍तर पर नहीं आया है. अब ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने केंद्र सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को ₹31 से बढ़ाकर ₹42 प्रति किलो करने की मांग की है. यदि सरकार ने यह मांग मान ली तो थोक से कर खुदरा बाजार तक चीनी के दाम एक कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसान, गन्‍ने के रेट में बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांगों की पड़ताल के लिए सरकार ने नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. बेंगलुरु में किसानों से बातचीत के बाद समिति ने महाराष्ट्र के पुणे में अहम बैठक बुलाई थी. इसी बैठक में AISTA के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांग भी समिति के सामने रखी. (Photo : Canva) AISTA के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी ने मांग रखी कि एक क्विंटल चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य मौजूदा ₹3,100 से बढ़ाकर कम से कम ₹4,200 किया जाना चाहिए. विठलानी का कहना था कि फरवरी 2019 के बाद से यानी पिछले सात सालों में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में एक पैसे का भी संशोधन नहीं हुआ है. मिल मालिकों का कहना है कि जब बिजली, मजदूरी और रखरखाव के खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं, तब उत्पादन लागत से भी कम दाम पर चीनी बेचना मिलों के लिए घाटे का सौदा है. (Photo : Canva) संगठन ने गन्ना किसानों के लिए तय सरकारी समर्थन मूल्य पर संतुष्टि जाहिर की है. केंद्र सरकार ने 2026-27 के आगामी सीजन के लिए गन्ने का उचित एव.

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