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डेरियस खंबाटा ने टाटा ट्रस्ट्स में दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार किया
डेरियस खंबाटा ने टाटा ट्रस्ट्स में दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार किया, टाटा संस लिस्टिंग विवाद के बीच
Key points
- खंबाटा का कार्यकाल 9 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है
- खंबाटा के मुताबिक दोबारा नियुक्ति के लिए दूसरे ट्रस्टियों की सहमति लेनी पड़ती
- अगस्त 2026 में RBI ने टाटा संस को फिर अपर लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत किया
Why it matters. टाटा संस की लिस्टिंग पर ट्रस्ट्स में मतभेद बने रहने से ग्रुप के मौजूदा मालिकाना ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है, जैसा खंबाटा का मानना है.
टाटा ट्रस्ट्स के सीनियर ट्रस्टी और वकील डेरियस खंबाटा ने 2 नवंबर 2026 को चेयरमैन नोएल टाटा और CEO सिद्धार्थ शर्मा को लिखे पत्र में यह फैसला बताया. उनका कार्यकाल 9 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है और उन्होंने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट तथा सर रतन टाटा ट्रस्ट में दोबारा ट्रस्टी बनने की इच्छा नहीं जताई. खंबाटा के मुताबिक दोबारा नियुक्ति के लिए दूसरे ट्रस्टियों की सहमति लेनी पड़ती, जिससे वह अपनी स्वतंत्रता से समझौता नहीं करना चाहते. उन्होंने RBI के साथ टाटा संस की बातचीत पर भी सवाल उठाए और कहा कि लिस्टेड कंपनी जैसी पारदर्शिता कैसे अपनाई जाएगी, यह स्पष्ट नहीं हुआ.
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डेरियस खंबाटा ने टाटा ट्रस्ट्स में दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार किया
टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी डेरियस खंबाटा ने दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार कर दिया है. उन्होंने टाटा संस की लिस्टिंग और आरबीआई के साथ बातचीत पर सवाल उठाए हैं. थोड़ी देर पहले खबर आई थी कि टाटा ग्रुप लिस्टिंग को लेकर आरबीआई के साथ संपर्क में है और साफ कह दिया है कि यह ग्रुप के लिए ठीक नहीं होगा. Tata Sons Listing News: टाटा ग्रुप के भीतर टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर चल रही खींचतान फिर बढ़ गई है. टाटा ट्रस्ट्स के सीनियर ट्रस्टी और दिग्गज वकील डेरियस खंबाटा ने दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार कर दिया है. उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और CEO सिद्धार्थ शर्मा को 2 नवंबर 2026 को लिखे पत.