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ट्राई ने शिकायत निवारण के नियम बदले, अपील की समयसीमा 30 से घटकर 15 दिन
ट्राई ने शिकायत निवारण नियम बदले, अपील की समयसीमा 30 से घटाकर 15 दिन
Key points
- शिकायत केंद्रों पर हर दिन 24 घंटे सहायता उपलब्ध करानी होगी, जिसमें मानव प्रतिनिधि रोज कम से कम 16 घंटे रहेंगे।
- दिव्यांग ग्राहकों के लिए दूरसंचार कंपनियों को अलग हेल्पलाइन और विशेष डेस्क देनी होगी।
- ट्राई ने एआई के जिम्मेदार उपयोग पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी कर 27 नवंबर तक सुझाव मांगे हैं।
Why it matters. कंपनियों पर तिमाही रिपोर्ट और जुर्माने की व्यवस्था लागू होने से ग्राहक शिकायतों के निपटान में जवाबदेही बढ़ सकती है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शिकायत निवारण व्यवस्था को सुलभ और जवाबदेह बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं, जिनके तहत शिकायत केंद्रों पर हर दिन 24 घंटे सहायता देनी होगी। शिकायत निस्तारण के बाद अपील की समयसीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन की गई है, और अपीलीय प्राधिकरण को 15 दिन के भीतर अंतिम निर्णय बताना होगा। मानव प्रतिनिधि रोज कम से कम 16 घंटे उपलब्ध रहेंगे, जबकि कंपनियां एआई एजेंट और स्वचालित प्रणालियों का इस्तेमाल भी कर सकेंगी। गलत तरीके से शिकायत खारिज करने पर प्रति मामले 1,000 रुपये और अपील मामलों में 5,000 रुपये का दंड लगेगा, जो प्रति तिमाही 20 लाख रुपये तक सीमित रहेगा।
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ट्राई ने शिकायत निवारण के नियम बदले, अपील की समयसीमा 30 से घटकर 15 दिन
दूरसंचार कंपनियों के ग्राहक अब शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान के लिए 24 घंटे मदद ले सकेंगे। इसमें 16 घंटे मानव प्रतिनिधि उपलब्ध रहेंगे। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक सुलभ व जवाबदेह बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत शिकायत केंद्रों पर हर दिन 24 घंटे सहायता उपलब्ध करानी होगी। कंपनियां मानव प्रतिनिधियों, स्वचालित प्रणालियों, एआई एजेंट या इनके संयोजन का इस्तेमाल कर सकेंगी। मोबाइल एप के जरिये भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे हालांकि, मानव प्रतिनिधि रोज कम से कम 16 घंटे उपलब्ध रहेंगे और तकनीक आधारित सेवाओं पर मानवीय निगरानी जरूरी होगी। नए नियमों के त.

