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अक्टूबर में यूपीआई का दैनिक लेनदेन पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा
अक्टूबर में यूपीआई का दैनिक लेनदेन पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार, एनपीसीआई ने एमडीआर शुल्क टाला
Key points
- अक्टूबर में कुल यूपीआई लेनदेन 31.53 लाख करोड़ रुपये रहा
- यूपीआई की हिस्सेदारी कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में 89 फीसदी पहुंच गई है
- 2000 से ज्यादा के लेनदेन पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगाने का फैसला त्योहारों तक टाला गया
Why it matters. एमडीआर लगाए जाने के बाद बैंकों और भुगतान कंपनियों के पास हर साल 15 हजार करोड़ रुपये का रेवेन्यू आने का अनुमान है.
यूपीआई पर अक्टूबर में रोजाना लेनदेन पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया. अक्टूबर में कुल यूपीआई लेनदेन 31.53 लाख करोड़ रुपये रहा, जो औसतन रोजाना 1 लाख करोड़ से ज्यादा है, और इसके पीछे त्योहारी सीजन की खरीदारी बताई गई है. महीने में 25.47 अरब ट्रांजेक्शन हुए, यानी रोजाना करीब 82.1 करोड़, और कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में यूपीआई की हिस्सेदारी 89 फीसदी पहुंच गई है. इसी बीच एनपीसीआई ने 2000 से ज्यादा के लेनदेन पर एमडीआर शुल्क को त्योहारों तक टाल दिया है और दिवाली के बाद इस पर फिर विचार होने की बात कही गई है.
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अक्टूबर में यूपीआई का दैनिक लेनदेन पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा
Record UPI Transaction : एनपीसीआई ने अक्टूबर में यूपीआई पर शुल्क टालने का फैसला किया तो यूजर्स भी जमकर लेनदेन करने लगे. त्योहारी सीजन होने की वजह से अक्टूबर में कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन पहली बार 1 लाख करोड़ प्रतिदिन के लेवल तक पहुंच गया है. इस दौरान कुल लेनदेन 31 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है. नई दिल्ली. पिछले दिनों यूपीआई पर शुल्क लगाने की चर्चा ने खुदरा दुकानदारों और ग्राहकों के मन में कई सवाल उठाए, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि न तो ग्राहक और न ही दुकानदार पर इस शुल्क का दबाव दिखा है. वैसे एनपीसीआई ने शुल्क को त्योहारों तक टाल दिया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पहली बार यूपीआई स.