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त्योहारी सीजन में यूपीआई का धमाका: अक्तूबर में 31.53 लाख करोड़ लेनदेन
त्योहारी सीजन में यूपीआई लेनदेन अक्तूबर में बढ़कर 31.53 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा, सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
Key points
- अक्तूबर में यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 25.47 अरब हो गई।
- अक्तूबर में आईएमपीएस के जरिए लेनदेन की रकम सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 7.63 लाख करोड़ रुपये रही।
- प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था में चुनिंदा मर्चेंट कैटेगरी में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 5 रुपये का तय शुल्क लगेगा।
Why it matters. एनपीसीआई का कहना है कि प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था का यूपीआई के व्यापक नेटवर्क पर सीमित असर पड़ेगा, क्योंकि अनुमानों के मुताबिक केवल करीब 4 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजेक्शन इसके दायरे में आएंगे।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर में यूपीआई से कुल 31.53 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो सालाना आधार पर 16 प्रतिशत अधिक है। ट्रांजेक्शन की संख्या 23 प्रतिशत बढ़कर 25.47 अरब पर पहुंच गई और हर दिन औसतन करीब 82.2 करोड़ लेनदेन हुए। तत्काल फंड ट्रांसफर वाले आईएमपीएस के जरिए रकम 19 प्रतिशत बढ़कर 7.63 लाख करोड़ रुपये रही। एनपीसीआई ने चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर एमडीआर लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया था।
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त्योहारी सीजन में यूपीआई का धमाका: अक्तूबर में 31.53 लाख करोड़ लेनदेन
देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए होने वाले लेनदेन में त्योहारी सीजन के दौरान अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर में यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 25.47 अरब हो गई। वहीं, इस दौरान लेनदेन की कुल रकम 16 प्रतिशत बढ़कर 31.53 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। अक्तूबर में हर दिन औसतन करोड़ लेनदेन हुए अक्तूबर में यूपीआई के जरिए हर दिन औसतन करीब 82.2 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान रोजाना लेनदेन की औसत रकम करीब 1,01,707 करोड़ रुपये रही। इससे पहले सितंबर में यूपीआई ट्रांजेक्शन की स.