
business
उत्तरी प्रदेश में 15,000 करोड़ खर्च कर 8,200 हेक्टेयर जमीन पर तीन ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे बनेंगे
उत्तर प्रदेश में 15,000 करोड़ रुपये की लागत से 8,200 हेक्टेयर जमीन पर तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे।
Key points
- विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 109 गांवों में 4,615 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर इसे सोनभद्र से जोड़ा जाएगा।
- मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के तहत 184 गांवों से 2,020 हेक्टेयर जमीन लेकर गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जाएगा।
- विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चंदौली, गाजीपुर और मिर्ज़ापुर के 140 गांवों में 1,560 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी।
Why it matters. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से राज्य में निवेश का माहौल सुधरेगा और टायर-II व टायर-III शहरों में MSMEs का विकास तीव्र हो सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है। UPEIDA इन परियोजनाओं के लिए 8,200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करेगा, जिस पर 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। योगी सरकार के अनुसार, यह कदम 2030 तक राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में सहायक होगा। ये मार्ग यूपी और उत्तराखंड के लगभग 650 गांवों से होकर गुजरेंगे।
Latest updates
उत्तरी प्रदेश में 15,000 करोड़ खर्च कर 8,200 हेक्टेयर जमीन पर तीन ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे बनेंगे
UP Greenfield Expressway: सीएम योगी आदित्यनाथ की यूपी सरकार यूपी के रोड इंफ्रास्टक्चर में बदलाव के लिए कमर कस ली है. राज्य में यात्री और माल ढुलाई को रफ्तार देने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है. इसके तहत तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इस पूरी भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पर राज्य के खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. इन परियोजनाओ उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलने वाला है. प्रदेश में यात्री परिवहन और माल ढुलाई (कार्गो मोबिलिटी) को पंख लगाने के लिए.