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कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कमी, 9 नवंबर से लागू
9 नवंबर से 137 कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कमी, जिससे सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
मुख्य बातें
- 9 नवंबर से 137 कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की गई है।
- इस फैसले से उपभोक्ताओं को सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
- करीब 600 ब्रांडों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
यह क्यों मायने रखता है। यह कदम कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवाओं की कीमतों में भारी कमी लाएगा और उपभोक्ताओं को सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत कराएगा।
सरकार ने 9 नवंबर से 137 कैंसर दवाओं की कीमतों पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की है। इस कदम से उपभोक्ताओं को सालाना लगभग 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी। करीब 600 ब्रांडों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, जबकि कुछ दवाओं में कटौती 96.45 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कमी, 9 नवंबर से लागू
9 नवंबर से भारत में 137 कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कटौती होगी। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की सलाह पर इन दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की है। इस कदम से उपभोक्ताओं को सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
केंद्र सरकार कैंसर की दवाओं की कीमतों में 70% तक कटौती कर सकती है
कैंसर का इलाज पहले से ही मरीजों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है। महंगी दवाओं के कारण कई परिवारों को अपनी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों को कम करने की दिशा में एक प्रस्ताव पेश किया है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से कुछ कैंसर की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी में 20 से 70 फीसदी तक की कमी आ सकती है। इससे मरीजों को हर साल करीब 2,500 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। कैंसर की दवाओं की कीमतें कैसे कम होंगी? केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया है कि वह कैंसर की दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन को उनकी अधिकतम ख.
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