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अरुणाचल: सियांग परियोजना के विरोध में बंदूक की नोक पर बातचीत
अरुणाचल प्रदेश में 11,200 मेगावाट क्षमता के SUMP बांध विरोध में पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया और इंटरनेट सेवा बंद कर दी।
मुख्य बातें
- 23 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
- पुलिस ने हिंसा के दौरान कम से कम आठ मामले दर्ज किए और 26 लोगों को गिरफ्तार किया है।
- स्थानीय समूहों ने 11,200 मेगावाट क्षमता वाले SUMP बांध को रोकने और प्रभावित लोगों की रिहाई की मांग की है।
यह क्यों मायने रखता है। यह संघर्ष भारत के सबसे अधिक जैव विविधता वाले क्षेत्रों में स्थित एक महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना और स्थानीय आदिवासी समुदायों के बीच सुरक्षा, विकास और अधिकारों के मूलभूत सवालों को उजागर करता है।
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) विरोध के बीच 23 अक्टूबर को स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और सशस्त्र सुरक्षाकर्मी गश्त पर थे। स्थानीय किसानों और समूहों ने इस 11,200 मेगावाट क्षमता वाले जलविद्युत बांध को रोकने की मांग की है क्योंकि यह 27 गांवों को प्रभावित कर सकता है। पुलिस ने हिंसा के दौरान कम से कम आठ मामले दर्ज किए और 26 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें पत्रकारों के खिलाफ सर्च वारंट भी जारी किए गए।
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अरुणाचल: सियांग परियोजना के विरोध में बंदूक की नोक पर बातचीत
'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) के विरोध के कई हफ्तों के प्रदर्शनों की वजह से बाजार में सन्नाटा छाया हुआ था। सड़कों पर हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी गश्त पर थे और दोपहर तक पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद थी।
Sources
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