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Photo: Illustrative image — Photo: Kabi1990, CC BY-SA 3.0, via Wikimedia Commons

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‘रामायण’ की फुटेज लीक करने वालों की खैर नहीं! बॉम्बे HC सख्त, मेकर्स ने जारी किया लीगल नोटिस

फिल्म 'रामायण' के निर्माताओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए फुटेज लीक करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की।

Updated 2 min read

मुख्य बातें

  • फिल्म 'रामायण' के निर्माताओं ने पायरेसी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 नवंबर 2026 और 6 नवंबर 2026 के आदेशों में फिल्म रिकॉर्ड या शेयर करने पर प्रतिबंध लगाया है।
  • नोटिस में कॉपीराइट एक्ट 1957, सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952, BNS 2023 और IT एक्ट 2000 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

यह क्यों मायने रखता है। यह घटना दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा उद्योग पायरेसी और कॉपीराइट उल्लंघन के खिलाफ कानूनी ढांचे का उपयोग करके अपनी संपत्ति की रक्षा करने के लिए कितना सख्त हो रहा है।

अपडेट स्रोत: TV9 Bharatvarsh

फिल्म 'रामायण' के निर्माताओं ने पायरेसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। निर्माताओं ने नोटिस में बताया कि अदालत ने 2 नवंबर 2026 और 6 नवंबर 2026 के आदेशों के तहत फिल्म के किसी भी हिस्से को रिकॉर्ड या शेयर करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस कार्य में कॉपीराइट एक्ट 1957, सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952, BNS 2023 और IT एक्ट 2000 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान है। निर्माताओं ने सभी को चेतावनी दी है कि यदि कोई पहले से सामग्री पोस्ट कर चुका है तो उसे तुरंत हटा दे, वरना बिना पूर्व सूचना के कानूनी कार्यवाही होगी।

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‘रामायण’ की फुटेज लीक करने वालों की खैर नहीं! बॉम्बे HC सख्त, मेकर्स ने जारी किया लीगल नोटिस

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की फिल्म 'रामायण' के सीन लीक करने वाले व्यक्ति को मेकर्स ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने 2 नवंबर 2026 और 6 नवंबर 2026 को जारी किए गए आदेशों के तहत फिल्म के किसी भी हिस्से को रिकॉर्ड, अपलोड या शेयर करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नोटिस में उल्लेखित है कि सिनेमा हॉल में नमित मल्होत्रा द्वारा अनधिकृत फुटेज रिकॉर्ड की जा रही है और इसे सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। पायरेसी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में मेकर्स ने कमर्शियल IP सूट (L) नंबर 37230/2026 का संदर्भ दिया है।

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