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कर्नाटक में पेट्रोल में इथेनॉल मिलावट पर तेल कंपनियों का बचाव
कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल में 20 फीसदी से अधिक इथेनॉल मिलने का आरोप लगाया जबकि तेल कंपनियों ने इसे खारिज किया।
मुख्य बातें
- कर्नाटक सरकार ने 63 स्थानों से लिए गए नमूनों में इथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी तक पाई गई।
- तेल कंपनियों ने 893 नमूनों की जांच में इथेनॉल की मात्रा 19 से 21 फीसदी के बीच पाई गई।
- राहुल गांधी ने सवाल किया कि अधिक इथेनॉल मिलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।
यह क्यों मायने रखता है। यह विवाद उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ और वाहनों की मरम्मत के खर्च को बढ़ाने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के बीच ईंधन नीति पर मतभेद को उजागर करता है।
कर्नाटक सरकार ने राज्य के सात ज़िलों और कुल 63 स्थानों से लिए गए पेट्रोल के नमूनों में इथेनॉल की मात्रा 20 फ़ीसदी से अधिक, कुछ स्थानों पर 31.2 फ़ीसदी तक पाई गई, यह दावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रिज़वान अरशद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किया। तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देशभर में किए गए 893 नमूनों की जांच में सभी को निर्धारित मानकों के अनुसार पाया गया है। राहुल गांधी ने लोकसभा में सवाल किया कि यदि 20 फ़ीसदी से अधिक इथेनॉल मिलाया जा रहा है तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।
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कर्नाटक में पेट्रोल में इथेनॉल मिलावट पर तेल कंपनियों का बचाव
7 नवंबर 2026 को बेंगलुरु से प्रकाशित इस खबर में बताया गया है कि कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच पेट्रोल में इथेनॉल मिलावट पर विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक सरकार का दावा है कि सात ज़िलों से लिए गए पेट्रोल के नमूनों की जांच मान्यता प्राप्त लैब्स में हुई। इस जांच में कई जगहों पर इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 फ़ीसदी से अधिक पाई गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस विवाद पर बयान देते हुए कहा कि सभी सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
Sources
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