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कालका-शिमला रेलवे पर हाइड्रोजन ट्रेन: 103 सुरंगों और 900 पुलों पर स्वच्छ यात्रा
रेलवे मंत्रालय कालका-शिमला रेलवे पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है।
मुख्य बातें
- रेलवे मंत्रालय कालका-शिमला रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने की योजना बना रहा है।
- यह पहल केंद्र सरकार के 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' कार्यक्रम का हिस्सा है।
- लाइन पर 103 सुरंगें और 900 से अधिक पुल हैं जिन पर स्वच्छ यात्रा लानी जाएगी।
यह क्यों मायने रखता है। यह पहल प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कालका-शिमला रूट पर हाइड्रोजन ट्रेनों को शामिल किया जा रहा है।
रेलवे मंत्रालय कालका-शिमला रेलवे पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। यह पहल 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' कार्यक्रम का हिस्सा है जिसमें 2023 में 35 ट्रेनों का लक्ष्य तय किया गया था। इस 120 साल पुरानी और 96 किलोमीटर लंबी लाइन पर 103 सुरंगें और 900 से अधिक पुल हैं।
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कालका-शिमला रेलवे पर हाइड्रोजन ट्रेन: 103 सुरंगों और 900 पुलों पर स्वच्छ यात्रा
कालका-शिमला रेलवे लाइन पर 120 वर्ष पुरानी इस विरासत रेलवे पर हाइड्रोजन से संचालित टॉय ट्रेन का संचालन शुरू होने वाला है। रेलवे मंत्रालय ने इस रूट का सर्वेक्षण पूर्ण कर रोग स्टेशन पर हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने के लिए जगह निर्धारित कर ली है। प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल केंद्र सरकार के 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' कार्यक्रम का हिस्सा है।
Sources
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