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Photo: Steve Jurvetson from Los Altos, USA, CC BY 2.0, via Wikimedia Commons

tech

देश का पहला निजी फ्यूजन रिएक्टर, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

बेंगलुरु का प्रानोस फ्यूजन 2027 तक देश का पहला निजी टोकामैक रिएक्टर विकसित करेगा।

Updated 1 min read

मुख्य बातें

  • बेंगलुरु स्थित प्रानोस फ्यूजन देश का पहला निजी टोकामैक रिएक्टर विकसित कर रहा है।
  • कंपनी का लक्ष्य 2027 तक अपने बड़े फ्यूजन रिएक्टर प्रानिक का डिजाइन अंतिम रूप देना है।
  • इस तकनीक से भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और कार्बन उत्सर्जन में कमी मिल सकती है।

यह क्यों मायने रखता है। यह परियोजना भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।

अपडेट स्रोत: Navbharat Live

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप प्रानोस फ्यूजन देश का पहला निजी टोकामैक रिएक्टर विकसित कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक अपने बड़े रिएक्टर प्रानिक का डिजाइन अंतिम रूप देना है। इस तकनीक से भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और कार्बन उत्सर्जन में कमी मिल सकती है।

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देश का पहला निजी फ्यूजन रिएक्टर, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर निजी क्षेत्र के सहयोग से फ्यूजन रिएक्टर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फ्यूजन तकनीक को एक प्रमुख विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इस तकनीक के सफल होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। इसके अलावा, यह भारत को स्वच्छ और कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा उत्पादन प्रणाली विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।

Sources