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Polling officials checking the Electronic Voting Machines (EVM`s) and other necessary inputs required for the Assembly E
Photo: Election Commission of India, GODL-India, via Wikimedia Commons

politics

राजस्थान में मतदाता सूची में 30 लाख का अंतर आया

राजस्थान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद 30 लाख का अंतर सामने आया

Updated 1 min read

मुख्य बातें

  • राजस्थान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद 30 लाख का अंतर सामने आया।
  • निर्वाचन आयोग की सूची में 5.15 करोड़ और निकाय चुनाव सूची में 5.45 करोड़ मतदाता दर्ज हैं।
  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुरानी सूची का उपयोग तैयारियों के समय शुरू होने की वजह से हुआ।

यह क्यों मायने रखता है। यह विवाद राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की वैधता और मतदाता सूची की सटीकता पर सवाल उठाता है।

अपडेट स्रोत: Amar Ujala

राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद निर्वाचन आयोग की अंतिम सूची में करीब 5.15 करोड़ मतदाता दर्ज हैं, जबकि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पुरानी सूची का उपयोग कर करीब 5.45 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया। इस प्रक्रिया में लगभग 30 लाख का अंतर सामने आया है, जिसके कारण सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने राज्य निर्वाचन आयोग की पुरानी सूची पर भरोसा करने की प्रक्रिया की आलोचना की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां काफी पहले शुरू हो चुकी थीं, जिस वजह से पुरानी सूची को आधार माना गया।

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राजस्थान में मतदाता सूची में 30 लाख का अंतर आया

राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद निर्वाचन आयोग की अंतिम सूची में करीब 5.15 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। वहीं, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपयोग की गई सूची में करीब 5.45 करोड़ मतदाताओं का उल्लेख है। इन दोनों आंकड़ों के बीच करीब 30 लाख का अंतर सामने आया है। इस विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने बताया कि एसआईआर से पहले ही निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची जारी हो चुकी थी।

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