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अमेरिकी डॉलर के सामने दिखा रुपये का दम! 6 महीने की ऊंचाई पर भारतीय करेंसी
शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 93.89 पर पहुंचा और करीब छह महीने की ऊंचाई पर आ गया
Key points
- रुपया शुक्रवार को 94.50 पर खुला, जो गुरुवार के बंद भाव 94.41 से 9 पैसे कमजोर था
- शुक्रवार को रुपया अपने पिछले बंद भाव से 52 पैसे मजबूत हुआ
- विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की
Why it matters. विदेशी निवेशकों का पैसा आने से रुपये को सहारा मिल सकता है, लेकिन युद्ध से जुड़े तनाव और मिडिल ईस्ट के हालात उसकी तेजी सीमित कर सकते हैं.
भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.89 के स्तर तक पहुंचा, जो 7 मई के बाद उसका सबसे मजबूत इंट्राडे स्तर है. कारोबार की शुरुआत 94.50 पर कमजोरी के साथ हुई थी, जबकि गुरुवार को रुपया 94.41 पर बंद हुआ था. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की, जिससे रुपये को सहारा मिला. फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की 2.04% की तेजी ने रुपये पर दबाव बनाया था.
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अमेरिकी डॉलर के सामने दिखा रुपये का दम! 6 महीने की ऊंचाई पर भारतीय करेंसी
भारतीय रुपये ने शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शानदार वापसी की. कारोबारी दिन की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन बाद में रुपये ने ऐसी तेजी पकड़ी कि यह 93.89 के स्तर तक पहुंच गया. यह 7 मई के बाद रुपये का सबसे मजबूत इंट्राडे लेवल है यानी करीब छह महीने बाद भारतीय करेंसी इस ऊंचाई पर पहुंची है. विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी से रुपये को सहारा मिला. हालांकि, महंगे क्रूड और मजबूत होते डॉलर ने शुरुआत में दबाव बनाने का काम किया. और पढ़ेंभारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.50 पर खुला. इससे पहले गुरुवार को यह 94.41 पर बंद हुआ था. इस तरह कारोबार की शुरुआत में ही रुपया 9 पैसे कमजोर हो गया. हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे इसमें सुधार आने लगा. पहले यह 94.36 तक पहुंचा और फिर मजबूती दिखाते हुए 93.89 के स्तर पर आ गया. 93.89 का मतलब है कि एक डॉलर खरीदने के लिए 93.89 रुपये देने होंगे. इस तरह शुक्रवार को रुपया अपने पिछले बंद भाव से 52 पैसे और आज के शुरुआती स्तर से 61 पैसे मजबूत हुआ.क्रूड और डॉलर की तेजी ने बनाया दबावरुपये की इस तेजी से पहले बाजार में दबाव की स्थिति थी. फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने भारतीय करेंसी पर दबाव बनाया था. शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.04% चढ़कर 100.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. भारत अपनी तेल और गैस की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है. ऐसे में जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो तेल आयात करने वाली कंपनियों को ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है. इस.
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