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सरकार ने पेट्रोल का निर्यात शुल्क शून्य किया, डीजल, एटीएफ निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया
सरकार ने पेट्रोल का निर्यात शुल्क शून्य किया, जबकि डीजल और एटीएफ निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया है।
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मुख्य बातें
- पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 2.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य किया गया है।
- डीजल निर्यात पर SAED और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस 8.50 से बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर किया गया, यानी 3 रुपये की बढ़ोतरी।
- भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में पेट्रोलियम निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था और सरकार हर दो हफ्ते में इसकी समीक्षा करती है।
यह क्यों मायने रखता है। सरकार के मुताबिक ये बदलाव रिफाइनर को घरेलू बाजार में उपलब्धता बनाए रखने का बढ़ावा देने और विदेश में बिक्री को कम आकर्षक बनाने के लिए किए गए हैं।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार 31 अक्टूबर को जारी नोटिफिकेशन में पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 2.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। डीजल निर्यात पर SAED और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस मिलाकर 8.50 रुपये से बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर किया गया, जबकि ATF पर SAED 10.50 से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर हुआ है। ये बदलाव 31 अक्टूबर से दो हफ्ते लागू रहेंगे और वेस्ट एशिया तनाव के बीच किए गए हैं, जबकि घरेलू ड्यूटी जस की तस है।
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सरकार ने पेट्रोल का निर्यात शुल्क शून्य किया, डीजल, एटीएफ निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया
Petrol Export Duty Zero: केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है और पेट्रोल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को घटाकर शून्य कर दिया है, जबकि दूसरी ओर डीजल पर टैक्स बढ़ाया है. ये नया टैक्स रेट अगले दो हफ्तों के लिए लागू किया गया है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिवाली से पहले एक बड़ा फैसला लिया है. अक्टूबर महीने के आखिरी दिन जारी फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स या एक्सपोर्ट ड्यूटी को घटाकर जीरो (Petrol Export Duty Zero) कर दिया है. जबकि दूसरी ओर डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में इजाफा किया है, यही नहीं हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (AT.
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