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Photo: Public domain, via Wikimedia Commons

politics

राजस्थान हाईकोर्ट ने सीमावर्ती इलाकों में बिना सुनवाई बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने सीमावर्ती इलाकों में सुनवाई के बिना बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी।

Updated 1 min read

मुख्य बातें

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को सीमावर्ती क्षेत्रों में सुनवाई के बिना बुलडोजर चलाने पर रोक लगाई।
  • अदालत ने प्रभावित पक्ष को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
  • राज्य सरकार ने अंतिम निर्णय होने तक निर्माणों को ध्वस्त नहीं करने का आश्वासन दिया।

यह क्यों मायने रखता है। यह आदेश सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के विनाश पर कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करता है और प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाता है।

अपडेट स्रोत: Amar Ujala

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने 6 नवंबर को सीमावर्ती क्षेत्रों में सुनवाई के बिना बुलडोजर चलाने पर रोक लगाई। अदालत ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और प्रभावित पक्ष को जवाब देने का अवसर देने के बाद ही निर्माण ध्वस्त करने का आदेश दिया। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि कारण बताओ नोटिस पर अंतिम निर्णय होने तक कोई ढांचा गिराया नहीं जाएगा।

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राजस्थान हाईकोर्ट ने सीमावर्ती इलाकों में बिना सुनवाई बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने बिना सुनवाई के बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी इमारत को तोड़ा नहीं जा सकता। प्रशासन को प्रभावित पक्ष को जवाब देने का मौका देने के बाद ही कार्रवाई करने की अनुमति दी गई है। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि कारण बताओ नोटिस पर अंतिम फैसला होने तक कोई भी निर्माण ध्वस्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश 6 नवंबर को न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर द्वारा सुनाया गया था।

Sources