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यूपी हाईकोर्ट ने झोलाछाप डाक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर रोक के मामले में सरकार से जवाब मांगा
लखनऊ हाईकोर्ट ने झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों पर रोक के मामले में सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य बातें
- लखनऊ हाईकोर्ट ने झोलाछाप डॉक्टरों और लाइसेंसहीन क्लिनिकों पर रोक के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है।
- न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने तुलसा देवी सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया है।
- अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय की है।
यह क्यों मायने रखता है। यह आदेश स्वास्थ्य सेवाओं में अनधिकृत अभ्यास को नियंत्रित करने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ की हाईकोर्ट पीठ ने झोलाछाप डॉक्टरों और लाइसेंसहीन क्लिनिकों पर रोक के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने तुलसा देवी सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि अयोग्य चिकित्सकों की बढ़ती संख्या से लोगों की जानें गंवा दी जा रही हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय की है।
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यूपी हाईकोर्ट ने झोलाछाप डाक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर रोक के मामले में सरकार से जवाब मांगा
लखनऊ की हाईकोर्ट पीठ ने झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने तुलसा देवी सेवा संस्थान द्वारा दायर जनहित याचिका पर निर्णय दिया। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में अपना जवाब मांगा है। अयोग्य चिकित्सकों और लाइसेंसहीन क्लिनिकों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की गई है। लोगों के स्वास्थ्य अधिकार को मौलिक अधिकार मानकर कारवाई करने की भी अपील की गई है।
Sources
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