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रिज़र्व बैंक ने चेकबुक नियमों में बदलाव के दावे को खारिज कर दिया
भारतीय रिजर्व बैंक ने सोशल मीडिया पर फैले चेकबुक नियमों में बदलाव के दावों को गलत घोषित कर दिया है।
मुख्य बातें
- RBI ने 7 नवंबर 2026 को चेकबुक नियमों में बदलाव के वायरल दावों को गलत बताया।
- 1 जनवरी 2027 से नई सुरक्षा सुविधाओं वाली चेकबुक या 50,000 रुपये से अधिक के पुराने चेक पर प्रतिबंध नहीं है।
- ग्राहकों को मौजूदा चेकबुक के पन्ने खत्म होने तक नई चेकबुक बनवाने की जरूरत नहीं है।
यह क्यों मायने रखता है। यह स्पष्टीकरण बैंक ग्राहकों को सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक सूचनाओं के आधार पर अनावश्यक रूप से नई चेकबुक बनवाने से बचाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सोशल मीडिया पर फैले चेकबुक नियमों में बदलाव के दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक घोषित कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने 7 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2027 से नई सुरक्षा सुविधाओं वाली चेकबुक या 50,000 रुपये से अधिक के पुराने चेक पर प्रतिबंध लगाने का कोई निर्देश लागू नहीं है। RBI ने कहा कि मौजूदा चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के तहत इस्तेमाल होने वाली चेकबुक में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है और लोगों को केवल आधिकारिक संचार पर भरोसा करना चाहिए।
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रिज़र्व बैंक ने चेकबुक नियमों में बदलाव के दावे को खारिज कर दिया
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने पुष्टि की है कि 2027 तक स्टैंडर्ड CTS चेकबुक में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर एक गलत जानकारी फैल रही थी कि 1 जनवरी 2027 से सुरक्षा सुविधाओं युक्त नई चेकबुक उपलब्ध कराई जाएंगी। वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा था कि मौजूदा चेकबुक 31 दिसंबर 2026 के बाद निष्क्रिय हो जाएंगी और ग्राहकों को नए मॉडल खरीदने होंगे। RBI ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी असत्य है और चेकबुक के नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा।
Sources
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