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सोनिया गांधी ने इमरजेंसी को संवैधानिक बताया, मोदी सरकार पर लोकतंत्र के लिए आरोप लगाए
सोनिया गांधी ने आपातकाल को संवैधानिक बताया और मोदी सरकार पर लोकतंत्र के लिए आरोप लगाए।
मुख्य बातें
- सोनिया गांधी ने 1975 की आपातकाल को संवैधानिक तरीके से लागू होने वाला बताया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है।
- इंदिरा गांधी ने बाद में आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
यह क्यों मायने रखता है। यह बयान राजनीतिक विपक्ष और वर्तमान सरकार के बीच इतिहास और लोकतंत्र की व्याख्या पर एक नई बहस को जन्म देता है।
संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को 'द हिंदू' के साथ बातचीत में 1975 की आपातकाल को संवैधानिक बताया। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर तेजी से बिगड़ते हालातों से निपटने के लिए संघर्ष करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही सोनिया गांधी ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है, यह भी आरोप लगाया।
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सोनिया गांधी ने इमरजेंसी को संवैधानिक बताया, मोदी सरकार पर लोकतंत्र के लिए आरोप लगाए
सोनिया गांधी ने 1975 की इमरजेंसी को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है। उस समय बंदी प्रत्यक्षीकरण के अधिकार पर रोक लगाई गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बिगड़ते हालातों से निपटने की कोशिश की थी। सोनिया गांधी ने यह बात शनिवार को 'द हिंदू' अखबार को दिए एक साक्षात्कार में कही।
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